पिता है कौन – Father Poem

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पिता है कौन – Father Poem

पिता है कौन कभी जाना है,
क्या
पिता बनना इतना आसान है क्या
जिम्मेदारियां सर पर है ,और उफ तक नहीं करता
पिता के दर्द से बड़ा, कोई दर्द है क्या
ये रोटी ये,कपड़ा ये,मका
दिया है पिता ने तुझे
अब तू यह बता तू पिता को, क्या क्या देगा
पिता के दर्द को कम कर सकता है क्या
पिता के एहसानों को चुका सकता है क्या
1 दिन भी भूखे पेट रहकर दिखा सकता है क्या

पिता बनना इतना आसान है क्या
पिता की इच्छाओं को कोई पूरा कर सकता है क्या
पिता को कोई जान पाया है क्या
पिता के भार को कोई सह पाया है क्या
पिता के आभार को कोई पहचान पाया है क्या
पिता है तो बच्चों की खुशी है, पिता में ही तो मां की खुशी है
पिता है तो घर में प्रतिपल राग हैं
पिता से ही मां का सुहाग है
पिता के अनुभव ही,
बच्चों के लिए एक सफल किताब है
पिता को नमन करने में कोई शर्म है क्या
सच पिता बनना इतना आसान है क्या

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Govind Rawat

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