दिल में हिंदुस्तान – Dil Me Hindustan Poem

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दिल में हिंदुस्तान – Dil Me Hindustan Poem

दिल में हिंदुस्तान रखो,
चहरे पर मुस्कान रखो।

दुश्मन सरहद में पग रखे,
तब हथेली पर जान रखो।

लहरें उठतीं सिंधु में हैं,
झुक के उनका मान रखो।

बात आये बीच मे तब,
अपने अच्छे ब्यान रखो।

दिल से बोले कोई भी तब,
दिल में मत शैतान रखो।

गर जरूरत देश को हो,
सबसे पहले दान रखो।

निरंजन दत्त श्रोत्रिय “जानू”(जोनू मूर्तिकार)

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Niranjan datt Srotriy

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