रोती है क्यूँ मैया – Deshbhakti Poetry In Hindi

0
40

theater-of-war-g537d2a87a_640.jpg

4
(4)

रोती है क्यूँ मैया – Deshbhakti Poetry In Hindi

माँ तेरा ये लाल लाल रंगों में रंग के आया
पीठ पे ना माँ सीने पे मैं गोली खा के आया

धरती माँ का कर्ज चुकाया-2 तेरा कर्ज भुलाया
रोती है क्यूँ प्यारी मैया मैं तो सोने आया-2

छोटी बहना से कहना मैं उसकी गुरिया न लाया
ना बाबा के खातिर मैया धोती और कुर्ता लाया
रक्षा बंधन में कहना वो ना भैया को याद करे
भूखे पियासे नहीं रहे और न मेरा इंतेजार करे
मैया तेरी दूध की ताक़त-2 सीमा पे मैं दिखाया
रोती है क्यूँ प्यारी मैया मैं तो सोने आया-2

हिम्मत ना हरो प्राणप्रिये मैं अब भी तुझमे जिंदा हूँ
दुश्मन को वो जड़ें से उखाड़ें कहना मैंने बोला हूँ
आएंगे कई नेता घर मैं झूठे खुआब दिखाने को
झूठे आँसू बहा बहा कर अपना नाम कमाने को
कहना दे आतंकी का सर-2 जिसने तुझे रुलाया
रोती है क्यूँ प्राणप्रिये अब मैं तो सोने आया-2

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 4 / 5. Vote count: 4

No votes so far! Be the first to rate this post.

Suresh Kumar

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here