भारत दर्शन – Bharat Darshan Poem

0
40

Bharat-darshan-poem

1.5
(2)

भारत दर्शन – Bharat Darshan Poem

कश्मीर की वादी ठंडी बर्फ की
हिमाचल की घाटी में पानी
पंजाब है अन्न का देवता
हरियाणा की पहलवानी।
उत्तराखंड देवो की भूमि
उत्तर प्रदेश है संगम गंगा का
बिहार की शोक है कोशी
बिहंगम नजारा है बंगाल का।
गुजरात व्यापार की नगरी
राजस्थान में रेत के टीले
महाराष्ट्र मराठों की है
वीर शिवा जी की दहाड़ से उड़ीसा भी हीले।
कर्नाटक सोने की खान
तमिलनाडु का संगम साहित्य
पूरा उत्तर भारत करे बखान ।
असम की कॉफी, केरल की चाय
उत्तर-पूरब की संकृति
छत्तीसगढ़ में नक्सली
झारखंड को लौह इस्पात कहा जाय।
मध्य प्रदेश भारत का हृदय
दिल्ली कमान है भारत की
जैव विविधता भरी है भारत में
अनूठी शान है भारत की।।।।

अंजनी पांडेय साहब

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 1.5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Anjani Pandey

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here